Tuesday, April 13

गोरखपुर के इन बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, 3 महीने नहीं चलेगा मीटर, जोन ने चिठ्ठी जारी

जिले के पांच लाख विद्युत उपभोक्ताओं को बाहर निकलने के तनाव से मुक्ति मिल गई है। तीन महीने तक मीटर रीडिंग नहीं होगी। न ही बकाए में किसी का कनेक्शन काटा जाएगा। एक औसत बिल बनाकर मोबाइल पर भेज दिया जाएगा। उपभोक्ता चाहेंगे तो ऑनलाइन भुगतान कर देंगे। उन्हें बिलिंग काउंटर तक आने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। मुख्य अभियंता ने जोन के सभी जिलों को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है।

 

 

बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार गोरखपुर जिले में करीब पांच लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें से शहर के उपभोक्ताओं की संख्या करीब एक लाख 82 हजार है। लॉकडाउन के समय भले ही निगम की ओर से बिल जमा करने के लिए काउंटर खोले गए थे लेकिन लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। इसे देखते हुए तीन महीने तक बिजली बिल जमा करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। उपभोग के अनुसार औसत बिल बनाकर उपभोक्ताओं को भेज दिया जाएगा। बाद में स्थिति सामान्य होने पर वास्तविक उपभोग का आकलन किया जाएगा। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से मीटर रीडिंग का काम बंद करा दिया गया है।

 

 

तीन महीने तक औसत बिल बनाया जाएगा। इस दौरान मीटर रीडिंग नहीं होगी। उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए बाहर निकलने की जरूरत नहीं है। – ई. देवेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता। गांवों में कोटेदार ई-पॉस मशीन से राशन वितरण करने को अब तैयार नहीं है। तहसील के कोटेदारों ने निर्णय लिया कि वह एक अप्रैल से मशीन से तौलकर राशन का वितरण नहीं कर सकेंगे। शासन की तरफ से राशन देने के लिए मैनुअल व्यवस्था की जाए, क्योंकि मशीन पर उपभोक्ता का अंगूठा लगता है और ऐसे में कोरोना फैलने का डर है। सहजनवां तहसील के कोटेदार संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में कोटेदारों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम को पत्र देकर वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।

 

गोरखपुर के सिकरीगंज, उरुवा और खजनी क्षेत्रों में पुलिस गेहूं की कटाई के लिए हार्वेस्टर को खेतों में नहीं जाने दे रही है। इससे गांवों में गेहूं की कटाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। बढय़ापार के अजय मिश्र, अहिरौली के कृष्णमोहन, लाखुन बुजुर्ग के रविंद्र दुबे, बेला बुजुर्ग के जनार्दन तिवारी, रग्घुपुर के अशोक सिंह आदि का कहना है कि यदि हार्वेस्टर खेतों में नहीं जा सकेगा तो फसल कैसे कटेगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार चौधरी का कहना है कि हार्वेस्टर के लिए पास जारी किया जा रहा है। किसी को हार्वेस्टर के लिए पास बनवाना है तो अपना आधार कार्ड व वाहन के पेपर के साथ उपनिदेशक कृषि के कार्यालय चरगांवा जाएं। यदि किसी को चालक अथवा मिस्त्री के लिए भी पास की जरूरत है तो वह उनका भी आधार कार्ड वाट्सएप पर मंगा लें।

 

 

उन्होंने कहा कि अभी कृषि बीज व कीटनाशक आदि दुकानों के लिए पास नहीं जारी किए गए हैं। इनके लिए दुकानों का भी चयन किया जा रहा है। बाद में इनके पास जारी करके इनके नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। ताकि यह किसानों को जरूरत पडऩे पर बीज व कीटनाशक की आपूर्ति भी कर सकें। जिला कृषि अधिकारी ने यह भी कहा कि गेहूं को लेकर मंडी जाने के लिए किसानों को पास की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह वहां ले जा सकते हैं। कोई भी किसान अगर गेहूं बिक्री के लिए क्रय केंद्र जा रहा है तो उस पर रोक नहीं रहेगी।

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