Thursday, May 6

बिहार को मिला पहला एक्सप्रेस-वे, जिसमें शामिल है 6 लेंन की सड़के, और 190 KM लम्बाई

बिहार वासियों के लिए एक बड़ी खबर यह आ रही है कि, बिहार को लंबे अरसे के बाद एक्सप्रेस वे का सौगात मिलने जा रहा है, बताने की एक्सप्रेस वे की कुल लागत ₹ 77 सौ करोड़ रुपए बताई गई है। जिसकी लंबाई लगभग 190 किलोमीटर के आसपास है। यह बिहार की ऐसी परियोजना है जो की पूरी तरह से ग्रीन फील्ड होगी जिसको पांच पैकेज में बनाए जाने की योजना है।

 

 

बिहार का यह पहला एक्सप्रेसवे जिससे महज 4 घंटे में बिहार की राजधानी पटना पहुंचा जा सकेगा। देखा जाए तो अलग-अलग राज्यों में कई तरह के एक्सप्रेसवे पहले ही बन चुके हैं या फिर और भी कई एक्सप्रेस वे पर लगातार काम चल रहा है लेकिन बिहार की बात करें तो बिहार में अब तक कोई भी एक्सप्रेस वे नहीं बन पाया है। अब बिहार में भी एक्सप्रेस वे बन्ना शुरू होने जा रहा है जिसको राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 5 फेज में निर्माण करेगा जिस पर तकरीबन 77 सौ करोड़ रुपए खर्च होने के अनुमान लगाए गए हैं।

 

 

आइए जानते हैं विस्तार से की पांच फ़ेज़ में बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे को 5 चरणों में कहां से कहां तक निर्माण कराया जाएगा। पहले फिर मैं आमद से शिवरामपुर तक एक्सप्रेस-वे का निर्माण होगा जिसकी लंबाई 55 किलोमीटर एवं खर्च लगभग 1073 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। वही दूसरे चरण में शिवरामपुर से रामनगर तक लगभग 55 किलोमीटर एक्सप्रेस वे का निर्माण लगभग 1066 करोड रुपए से किया जाएगा।

 

 

तीसरे चरण में कल्याणपुर से पाल दशहरा तक जिसकी लंबाई 45 किलोमीटर है इस पर 1150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। चौथे चरण में पाल दशहरा से बेला नवादा तक जिसकी लंबाई 44 किलोमीटर है इस पर 1534 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पांचवें चरण में रामनगर से सबलपुर भारतमाला परियोजना के तहत एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा।

 

 

आपको बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में तकरीबन 4 साल का वक्त या नहीं 2024 तक इस एक्सप्रेस-वे को पूर्ण निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है इस एक्सप्रेस-वे को 7 जिलों के 239 गांव में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस हाइवे को बनाने के लिए कुल 13 से 63 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ती है जिसमें 60 मीटर की चौड़ाई में जमीन का अधिग्रहण होना है।

 

 

इस एक्सप्रेसवे के लोकेशन की बात की जाए तो औरंगाबाद में आमद के निकट नेशनल हाईवे 19 से शुरू होकर कच्ची दरगाह हाजीपुर के कल्याणपुर समस्तीपुर ताजपुर से होकर दरभंगा में बेला नवादा nh27 में जाकर इस एक्सप्रेस वे का समापन होगा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण होने से उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह से सुलभ हो जाएगा यह ज्ञात हो कि बिहार के पहले एक्सप्रेस-वे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करने जा रहा है इस एक्सप्रेस वे में 6 दिन का पुल भी शामिल है।

 

 

पूर्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह लक्ष्य रखा था कि बिहार के किसी भी जिले से पटना पहुंचने में 5 घंटा का वक्त निर्धारित है जिस को पूरा करने के लिए अलग-अलग पर योजनाएं चलाई जा रही हैं इस परियोजना से है बिहार के कई दिनों से पटना पहुंचने अब 4 घंटों में संभव हो सकेगा अगर समय पर जमीन अधिग्रहण हो गया तो लक्ष्य के अनुसार 2024 तक यह एक्सप्रेस में आम जनता के लिए निर्माण करके इस्तेमाल के लिए खोल दी जाएगी।

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