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बिहारवासियों के लिए तोहफा, गंगा नदी के ऊपर बनेगा केबल ब्रिज, कुल 18 नए पूलो का सौगात

बिहार में गंगा नदी पर अनेकों पूल है जिसमें पहले स्थान पर पटना का गांधी सेतु, मोकामा का राजेंद्र सेतु भागलपुर से विक्रमशिला सेतु एवं बक्सर में दो लेन पुल है पटना छपरा जेपी सेतु और आरा छपरा के लिए भी गंगा पर पुल बनाए जा चुके हैं। जिन पर आवागमन फिलहाल जारी है।

इन सभी पूलों के बावजूद बिहार में और भी कई पूलो का निर्माण गंगा नदी के ऊपर चल रहा है, जिनमें कुछ पूलों के नाम निम्न रूप से हैं कच्ची दरगाह बिदुपुर के बीच छह लें पुल बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 5000 करोड़ यह पूल केबल पर टिका हुआ रहेगा जिसकी लंबाई 9.76 किलोमीटर रखी गई है।

दूसरा सुल्तानगंज से अगवानी घाट के बीच 1710 करोड़ रुपए की लागत से करीबी 16 मीटर लंबा फूल बनाया जा रहा है। यह फूल 2021 तक पूरी तरह तैयार होने की संभावना है। मोकामा में राजेंद्र सेतु के एक समानांतर सिमरिया में 1491 करोड़ रुपए की लागत से पुल बनाया जा रहा है। यह पूर्व रेलवे के द्वारा बनाया जा रहा है जिसमें गाड़ियों के चलने के लिए रोड भी बनाई जाएगी। अगले वर्ष 2021 में इस पूल का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है।

बख्तियारपुर से ताजपुर के बीच 5.52 km लम्बा पूल बनाया जा रहा है जिसकी लागत करीब ₹1599 करोड है। 2011 में इस पूल का शिलान्यास किया गया था जिसका निर्माण कार्य 2019 में पूरा होने का लक्ष्य था लेकिन कुछ कारणवश अभी भी लंबित है।

14 मई 2018 को बक्सर से भोजपुर के बीच ढाई किलो मीटर लंबे पुल का निर्माण शुरू हुआ था। 2021 में यह पूल बनकर तैयार हो जाएगा। इन सभी पूलों के अलावा बिहार में और भी पूलों का निर्माण होना है जिसके निर्माण से पहले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो नाम निम्न रूप से हैं।

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के समानांतर 4.5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण होना है जिसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है एवं भागलपुर के डीएम प्रणव कुमार ने बीते दिन ₹50 करोड़ जारी किए थे। दूसरा पटना में महात्मा गांधी के समानांतर 5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण होना है जिसका बजट 3000 करोड़ रुपए निर्धारित है। 2024 में इस पूल का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना जताई गई है।

मनिहारी से साहिबगंज के बीच एक नए पुल का निर्माण होना है इसका बजट उन्नीस सौ करोड़ रुपए बताई जा रही है पूल का निर्माण पूरा होने में करीब 3 वर्ष का समय लग सकता है। इसके अलावा दानापुर से शेरपुर के बीच में एक पुल बनाया जाना है। कई कंपनियों ने इसके लिए डीपीआर बना कर तैयार कर लिया है।

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