Monday, July 26

Motivation

बिहार के दो युवाओं ने मनाया अपने कंपनी का पहला वर्षगाँठ, भीषण लॉकडाउन में शुरू हुआ था कारोबार
Bhagalpur, Bihar, Motivation

बिहार के दो युवाओं ने मनाया अपने कंपनी का पहला वर्षगाँठ, भीषण लॉकडाउन में शुरू हुआ था कारोबार

भागलपुर, बिहार : बिहार की प्रतिष्ठित लैदर प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरर कंपनी- लैदर्स जोन प्राइवेट लिमिटेड ने आज अपना पहला वर्षगांठ मनाया। जब सारी दुनिया लॉक डाउन झेल रही थी तभी दो मित्रों ने मिलकर 20 जुलाई 2020 को इस कंपनी को स्टार्ट किया था। कंपनी का विज़न है सभी लोगो को रिजनेबल प्राइस पर जेन्युइन लेदर प्रोडक्ट उपलब्ध करवाना। लैदर्स जोन का हेड ऑफिस बिहार के भागलपुर जिले में, ब्रांच ऑफिस पटना एवं फैक्ट्री आगरा और दिल्ली में अवस्थित है।     कंपनी के डायरेक्टर कुश सिंह एवं अभिषेक राज ने बताया की ” लैदर्स जोन बिहार की अपनी ब्रांड है जो पुरे भारत में जेन्युइन लेदर से बने जूते रीजनेबल प्राइस पे सप्लाई करता है। कंपनी फॉर्मल, कैजुअल जूते के साथ- साथ सेफ्टी शूज भी बनाती है। जल्द ही कंपनी स्पोर्ट शूज, लेदर बैग्स, लेदर बेल्ट्स एवं वॉलेट्स भी लांच करने वाली है।”     ड...
पारंपरिक खेती छोड़कर सलाना 8 करोड़ का कर रहे प्रोडक्सन अब विदेशों में भी कर रहे सप्लाई
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पारंपरिक खेती छोड़कर सलाना 8 करोड़ का कर रहे प्रोडक्सन अब विदेशों में भी कर रहे सप्लाई

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले हरबीर सिंह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पॉलिटिकल साइंस से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी के बजाय खेती को करियर बनाने का प्लान किया। वे पिता के साथ मिलकर पारंपरिक खेती करने लगे। हालांकि इसमें कुछ खास मुनाफा नहीं हो रहा था। इसके बाद हरबीर को नर्सरी लगाने का ख्याल आया। उन्होंने 2005 में थोड़ी सी जमीन से नर्सरी की शुरुआत की। आज 16 एकड़ जमीन पर उनकी नर्सरी है। हर साल 8 करोड़ बीज का वे प्रोडक्शन कर रहे हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित देशभर में किसान उनसे बीजों की खरीद करते हैं। इतना ही नहीं, इटली भी उनकी नर्सरी से पौधे जाते हैं। इससे अच्छा-खासा मुनाफा भी वे कमा रहे हैं।     45 साल के हरबीर कहते हैं, शुरुआत में कुछ साल बीतने के बाद मुझे यह एहसास हो गया कि पारंपरिक खेती में बहुत अधिक आमदनी नहीं है। इसलिए कुछ नया करने का...
सोनू सूद की दरियादिली, क्या ये तस्वीर आपको याद है ? बिरसा मुंडा की पड़पोती
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सोनू सूद की दरियादिली, क्या ये तस्वीर आपको याद है ? बिरसा मुंडा की पड़पोती

बिरसा मुंडा जो एकमात्र नाम नहीं बल्कि बहुत ही बड़ी शख्सियत है।बिरसा मुंडा रांची जिले में जन्मे थे, वे एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और लोकनायक थे। इनके बारे में कई कहानियां हमने सुनी है इन्होंने अपने मात्र 25 साल की जीवन में ऐसी मुकाम हासिल किया है जिसके लिए हमारा देश सदैव ऋणी रहेगा।     बिरसा मुंडा झारखंड के भगवान माने जाते थे, लेकिन हाल फिलहाल में सोशल मीडिया में छपी खबरों के अनुसार बिरसा मुंडा की पड़पोती सब्जी बेचते हुए नजर आई थी, जिसको दैनिक भास्कर के अखबार में दिखाया गया था। वायरल तस्वीर में भी बिरसा मुंडा की पड़पोती जिनका नाम जौनी मुंडा है, यह सब्जी बेचते हुए साफ साफ नजर आ रही। सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े ग्रुपों में इस तस्वीर को शेयर किया जा रहा है।     अभिनेता सोनू सूद ने तुरंत एक्शन लेते हुए जॉनी मुंडा पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का ज़िम्मा उठा लिया।...
UPSC INTERVIEW सवाल- शरीर के कौन से हिस्से में पसीना नही होता, जानिए दिलचस्प जवाब
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UPSC INTERVIEW सवाल- शरीर के कौन से हिस्से में पसीना नही होता, जानिए दिलचस्प जवाब

भारत में यूपीएससी की परीक्षा का इंटरव्यू पास करना बड़ा ही कठिन माना जाता है। सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले बहुत से छात्र प्रीलिम्स और मेंस की परीक्षा पास करने के बावजूद इंटरव्यू में सफलता हासिल नहीं कर पाते है। क्योंकि इस इंटरव्यू के दौरान इंटरव्यू ले रहे अधिकारियों द्वारा ऐसे तीखे सवाल दागे जाते हैं जिसका जवाब देना परीक्षार्थी के द्वारा बहुत ही कठिन हो जाता है।     कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब और नए नए सवालों को लेकर हम हर रोज आपके लिए लेकर आते हैं। हमारे पोर्टल पर हर रोज यूपीएससी के इंटरव्यू में पूछे गए एक बेहतरीन सवाल का जवाब प्रकाशित किया जाता है। यूपीएससी के इंटरव्यू में कई बार कुछ ऐसे Tricky सवाल पूछे जाते हैं कि ये सुनने में बहुत मुश्किल लगते हैं।     लेकिन जरा सा दिमाग लगाने पर वो आसानी से हल हो जाते हैं। अगर आप बुद्धिमान हैं तो ऐसे सवाल आपके...
IES श्रुति शर्मा ने बताया पिता की बीमारी से जूझते हुए 15 दिन में पास किया था ऐसे यूपीएससी एग्जाम ।
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IES श्रुति शर्मा ने बताया पिता की बीमारी से जूझते हुए 15 दिन में पास किया था ऐसे यूपीएससी एग्जाम ।

The struggle of UPSC Shruti Sharma -श्रुति शर्मा एक आईईएस ऑफिसर जो रक्षा मंत्रालय में इस समय कार्यरत हैं। श्रुति शर्मा बताती हैं की मेरे परिवार में लड़कियों ने कभी जॉब नहीं की थी और स्कूल में पास हो जाना ही बड़ी बात थी। श्रुति शर्मा कहती हैं बीटेक में जब कॉलेज लाइफ शुरू होती है तो सभी स्टूडेंट्स भटक जाते हैं और मेरे साथ भी वही हुआ। स्टार्टिंग में मैंने पढ़ाई को हल्के में लिया और मेरी बैक आई लगातार मेरी 5 बैक आई और मैंने पांचो बैक क्लियर की। और फिर 2013 में मेरे पापा को लिवर सिरोसिस डिटेक्ट हुआ उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, और तब मुझे यह एहसास हुआ कि मुझे कुछ करना है वह कहती हैं अपने भाई बहनों में सबसे बड़ी हूं और बड़े होने के नाते मैं रिस्पांसिबल रही हूं।       पिता की हालत खराब थी, परंतु दिया एग्जाम। टाइम के साथ पापा की तबियत में कॉम्प्लिकेशंस बढ़ती भी गई और इध...
सॉफ्टवेयर इंजीनियर से बनी अपूर्वा डिप्टी कलेक्टर।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर से बनी अपूर्वा डिप्टी कलेक्टर।

हर किसी का सपना होता है कुछ ना कुछ बनने का किसी का डॉक्टर बनने का तो किसी का इंजीनियर बनने का मेरा भी सपना था सिविल सर्जन बनने का - जी हां हम बात कर रहे हैं  अपूर्वा यादव की, अपूर्वा कहती हैं एक लड़की के लिए जिस समाज में नौकरी करना ही बहुत बड़ी बात हो वहां पर मैंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर अपने सपने को पूरा करने की ठानी और पहले प्रयास असफलता हाथ लगी दूसरी, तीसरी बार भी निराशा पाई लेकिन इस बार भी हिम्मत नहीं हारी और फिर एग्जा़म दिया और निराशा हमेशा की तरह हाथ लगी इसबार मैने सोचा एक बार मुझे और पेपर देना चाहिए और चौथी बार इस बार फिर पेपर दिया लेकिन इस बार मुझे 3 साल इंतजार करना पड़ा क्योंकि मेरा रिजल्ट पेंडिंग हो गया था     कई बार घर पर पैसे मांगने की जरूरत पड़ जाती थी 3 साल बाद आखिरकार रिजल्ट 2019 में आया और इसबार अपूर्वा  का सपना पूरा  हो गया था अपूर्वा ने  रैंक 13 य...
बहन के कहने पर किया एलएलबी, एडवोकेसी छोड़ अंकिता बनी जज
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बहन के कहने पर किया एलएलबी, एडवोकेसी छोड़ अंकिता बनी जज

आज हम जिन शख्सियत के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम अंकिता सिंह हैं अंकिता ने यूपी पीसीएसजे 2018 में 86 रैंक हासिल की थी। वर्तमान में अंकिता आजमगढ़ जिले में सीविल कोर्ट कार्य के लिए कार्यरत हैं  अकिंता बताती हैं  उन्होंने 12th पीसीएम से किया उसके बाद वो इंजीनियरिंग की तरफ जाना चाहती थी। बताती हैं उनकी सिस्टर ने उनको एलएलबी करने के लिए बोला तो 5 ईयर कोर्स ऑनर्स से लखनऊ यूनिवर्सिटी से किया     उसके बाद 2016 में डिसाइड करा उन्हें जुडिशरी करनी है कोचिंग पता करी कोचिंग कोई लखनऊ में अच्छी ना होने के कारण सेल्फ स्टडी स्टार्ट करदी, उन्होंने बताया  सबसे ज्यादा दिक्कत ये होती है नोटिफिकेशन नहीं आते हैं। कभी 2 साल बाद कभी 3 साल बाद ही आते ये रेगुलर नहीं आते तो उन्होंने इन्तजार किया बैठी थी।  अंकिता का बीच में एडवोकेसी का भी दिल करा लेकिन उन्होंने इंटर्नशिप करके छोड़ दी और डिसा...
शाही परिवार में जन्में  ,बिटिया बोली आपकी जिंदगी ने दी कई जिंदगियों को रोशनी-
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शाही परिवार में जन्में ,बिटिया बोली आपकी जिंदगी ने दी कई जिंदगियों को रोशनी-

आधिकतर आपने  सुना होगा जीवन में सफलता की वजह  गरीबी होती है या फिर सुहाने सपने लेकिन यह कहानी बाकी कहानियों से अलग है। जी हां हम बात कर रहे हैं सिब्तैन मुस्तफा की जो एक शाही परिवार से संबंध रखते हैं। इस बात का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं लखनऊ के सादिक अली नवाब की   बेटी का ब्याह इनके पिता के साथ हुआ। लेकिन पिता की बुजुर्गी आते आते  रियासत का भी दौर खत्म हुआ। और जब खानदान वाले धन समेटने में लगे थे तब ये राजधानी लखनऊ शहर में इल्म हासिल करने में लगे थे " किस्मत तो सबकी बाहें फैलाए खड़ी होती है, बस आपको ही संघर्ष कर किस्मत को गले लगना होता है, और अगर संघर्ष करने  में  आप सफल  हो गए  तो किस्मत के गले लगने से आपको कोई  नहीं  रोक सकता है। " (कुलसुम फात्मा )       इल्म के लिए माँ-बाप होते हुए भी  रहे अनाथालय में - सिब्तैन मुस्तफा यूपी  जनपद अमेठी गांव बहुवा के रह...
शादी के बाद बेटी के साथ पढ़ाई की प्रारंभ,अब बिटिया बनाएगी प्रोफेसर।
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शादी के बाद बेटी के साथ पढ़ाई की प्रारंभ,अब बिटिया बनाएगी प्रोफेसर।

बिहार,( कुलसूम फात्मा )   ख्वाब किस उम्र में पूरे करने चाहिए जो ख्वाब पूरे करने की कोई उम्र नहीं होती । और इस बात को सुलेखा ने साबित भी कर दिया। सुलेखा अपनी पढाई का श्रेय अपनी बेटी को देती हैं। उन्होंने पटना में मगध महिला कॉलेज से 2019 में नामांकन लिया था और बेटी श्रेया जीव विज्ञान में ऑनर्स कर रहीं हैं। मां हिंदी सब्जेक्ट से है। सुलेखा ने कहा कुछ ही दिनों पूर्व परीक्षा रिजल्ट आया है। वह फर्स्ट डिवीजन से उत्तीर्ण पास हुई है। हालांकि बेटी सेकंड डिविजन आई। पढ़ाई में कई बार बेटी उनकी सहायता भी करती है और बेटी कहती है मैं अपनी मां की पढ़ाई में आगे भी सहायता करती रहूंगी।   एक ही कॉलेज में है मां बेटी आपको बता दें मां बेटी अलग-अलग कॉलेज में नहीं हैं बल्कि एक ही कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं ,सुलेखा से बातचीत की तो उन्होंने कहा शादी के बाद उनकी पढ़ाई छूट गई थी। उन्हें बेहद अफसोस था...
छोटे से गांव के लाल ने किया बड़ा कमाल, UPSC परीक्षा में देश मे किया 49वा स्थान प्राप्त
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छोटे से गांव के लाल ने किया बड़ा कमाल, UPSC परीक्षा में देश मे किया 49वा स्थान प्राप्त

बिहार,( कुलसूम फात्मा )  मुंघेर जिले के छोटे से गांव विषय में रहने वाले मनीष कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC 2020 में 49वा स्थान हासिल करा ना के केवल गांव का नाम भी रोशन किया साथ ही पूरे देश मे अपनी सफलता का परचम लहराया..     सफलता का श्रेय माता-पिता अपनी बहनों और दोस्तो को दिया.. साक्षात्कार के दौरान जब मनीष से बात की तो बताया इस सफलता के पीछे उनके माता पिता, बहनों और दोस्तो का काफी बड़ा योगदान रहा है, वे हमेशा ही उसका उत्साह बढ़ाने हेतु मदद करते रहे है, साथ ही बताया वो बी.टेक के विद्यार्थी रहे है और प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना शुरु से ही रहा है     माता पिता की सहमति से छोड़ी नौकरी.. आपको बता दे मनीष का बी.टेक पूरा होने के बाद वे नौकरी करने लगे थे, चूंकि सपना बड़ा था तो माता पिता से परामर्श नौकरी छोड़ कर दिल्ली की और रुख किया और 1 साल ...