COVID-19

पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है। इस वायरस ने अब तक भयंकर तबाही मचाई है। विकसित देशों में इसका कहर सबसे अधिक रहा है। इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी दुनिया में लॉकडाउन की स्थिति है। ऐसी स्थिति में हर कोई स्वस्थ रहना चाहता है। इसके लिए वे हैंड सैनिटाइज़र का खूब इस्तेमाल करते हैं, विटामिन-सी युक्त फल एवं सब्जियों का खूब सेवन करते हैं, अपने चेहरे पर हमेशा मास्क लगाए रहते हैं। सभी लोग नाना प्रकार की सावधानियां बरत रहे हैं लेकिन क्या इतनी सावधांनियां वाकई में जरूरी है, क्या ये काम करता है? आइए इस बारे में जानते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को लॉकडाउन बढाने की घोषणा के साथ ही देशवास‍ियों को सात सूत्र द‍िए. इनमें से एक आरोग्य सेतु ऐप को लेकर था. मीनाक्षी कंडवाल आपके साथ साझा करने जा रही हैं इस आरोग्य सेतु ऐप को लेकर कुछ अहम जानकार‍ियां. जैसे- आरोग्य सेतु ऐप डालने के बाद आपका मोबाइल कैसे एक कोरोना ट्रेकिंग डिवाइस की तरह काम करता है. क्यों आरोग्य सेतु ऐप फोन में रखना जरूरी है। डाउन करने के लिए क्लिक करें 

 

तथ्य: फेस मास्क वातावरण में मौजूद कीटाणुओं और जीवाणुओं, ज़ुकाम सहित कई अन्य संक्रमित बीमारियों के संक्रमण को रोकने में कितना कारगर है? इस विषय पर कई रिसर्च हो चुकी हैं। इसके बाबजूद यह आज भी चर्चा का विषय है कि क्या फेस मास्क वाकई में स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित बीमारियों से बचाने में लाभकारी है।

असल में, रोग नियंत्रण एवं निवारण केंद्र स्वस्थ भी व्यक्ति को सांस संबंधी बीमारियों को रोकने के लिए मास्क पहनने की सलाह नहीं देता है। अगर आप खुद को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखना चाहते हैं तो अपने हाथों को हर थोड़ी देर में हैंड वाश से धोएं। इसके साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जब कभी आप खांसते या छींकते हैं तो अपने मुंह को ज़रूर ढककर रखें। खांसने या छींकने के बाद अपने चेहरे, नाक, कान और मुंह को न छुएं। दस्ताने पहनने से आप जीवाणुओं से दूर रह सकते हैं।

 

 


 

तथ्य: शल्य चिकित्सा संबंधी दस्ताने जीवाणुओं को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं है। दस्ताने आपकी स्किन की तरह होते हैं जिस पर किसी भी संक्रमित सतह से जीवाणु चिपक जाते हैं। अगर आप दस्ताने से अपने चेहरे को छूते हैं तो इससे आप उसी तरह संक्रमित हो सकते हैं जिस तरह आप अपने गंदे हाथों से चेहरे को छूने पर होते हैं।संक्रमण से बचने के लिए ज़रूरी है कि आप नियमित अंतराल पर अपने दस्तानों को बदलें या साफ़ ज़रूर करें।

वहीं, अगर आप कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति का ध्यान रख रहे हैं तो आप दस्ताने ज़रूर पहनें। खासकर तब जब संक्रमित व्यक्ति के रक्त या खांसी की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही जब आप टेबलटॉप्स, बाथरूम्स, फ़ोन्स, लॉन्ड्री आदि चीज़ों को छूते हैं तो अपने हाथों को हैंड वॉश से ज़रूर धोएं। दस्ताने वाले हाथों से आंखें, नाक, कान और मुंह को स्पर्श न करें। शल्य चिकित्सा संबंधी दस्तानों को केवल एक बार इस्तेमाल करें। इसके उपयोग के बाद तुरंत इसे नष्ट कर दें या डस्टबिन में डाल दें। फिर अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड के लिए ज़रूर धोएं। विटामिन-सी युक्त चीज़ों के सेवन से जल्द आराम मिलता है

तथ्य: आपने कई बार सुना और पढ़ा होगा कि अगर आपको ज़ुकाम है तो संतरे के जूस का एक बड़ा गिलास पी लें, इससे आपको कोल्ड से जल्द मुक्ति मिल सकती है। ये बात बिल्कुल सही है कि विटामिन इम्यूनिटी के लिए बेहद ज़रूरी होता है,

लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, अगर आप रोज़ाना विटामिन-सी का सेवन करेंगे तब भी आपका ज़ुकाम जल्दी ठीक होने के आसार सिर्फ 8 प्रतिशत हैं। साथ ही, अगर आप बीमार पड़ने के बाद विटामिन-सी का सेवन शुरू करते हैं, तो ये आपको जल्दी ठीक करने में मददगार साबित नहीं होगा।

क्या है कोरोना वायरस?
कोरोना वायरस एक जानलेवा वायरस है। यह इंसान को काफी आसानी से संक्रमित कर सकता है। यह एक तरह का RNA वायरस है, जो शरीर में प्रवेश करने के बाद लगातार फैलता है। इसके संक्रमण से सामान्य सर्दी-जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ और न्यूमोनिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह मनुष्यों के साथ मवेशियों, सूअरों, मुर्गियों, कुत्तों, बिल्लियों और जंगली जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है।
कैसे फैलता है ये वायरस?
कोरोना का संक्रमण अधिकांश मामलों में खांसी, छींक, संक्रमित चीजों को छूने आदि से फैलता है। यह संक्रमण लार, चुंबन या फिर बर्तन शेयर करने से भी हो सकता है। यह संक्रमण फेफड़ों को संक्रमित करता है, इसलिए खांसते वक्त मुंह से निकले वाली बूंदें सामने मौजूद व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं।
क्या हैं इसके लक्षण?
इस वायरस से संक्रमित होने के कई दिनों बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं। कोरोना वायरस के मरीज़ों में आम तौर पर ज़ुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर इलाज नहीं होने से निमोनिया भी हो सकता है।
N95 मास्क पहनना कितना ज़रूरी है?
उस व्यक्ति को मास्क नहीं पहनना चाहिए, जो बीमार नहीं है या फिर जिसे सर्दी-खांसी नहीं है। अगर आपको सर्दी, ज़ुकाम या खांसी है, तो आप मास्क पहन सकते हैं, ताकि दूसरों को ये बीमारी न फैले। जहां तक N95 मास्क की बात है, तो यह उन लोगों के लिए है, जो रोगी के संपर्क में आते हैं या फिर अस्पताल में रोगी का ख्याल रख रहे होते हैं। ऐसे लोगों को N95 मास्क पहनने की ज़रूरत है।
लोगों से कितनी दूरी बरतनी चाहिए?
कोरोना वायरस के संक्रमण का दायरा 2 मीटर है, इसलिए अगर आप किसी से दो मीटर की दूरी बनाकर मिलते हैं, तो आपको डरने की ज़रूरत नहीं है।
क्या अल्कोहल से इंफेक्शन कम होता है?
ऐसी ख़बरें बिल्कुल बेबुनियाद हैं, जिनमें बताया जाता है कि अल्कोहल लेने से कोरोना वायरस ख़त्म हो जाता है। इसका सिर्फ और सिर्फ सेनिटाइज़र के रूप में इस्तेमाल ही फायदेमंद है।
क्या नॉन वेज खाना सुरक्षित है?
कोरोना वायरस नॉन वेज खाने से नहीं फैलता है, बल्कि ऐसी अफवाह फैलाई जा रही है कि नॉन वेज से संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है। हां, इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि मांस अच्छी तरह पका हो। ज़्यादातर इंफेक्शन कच्चा मांस खाने से होता है।
तापमान से क्या हैं इसके संबंध?
यह वायरस सिंगापुर जैसे गर्म देशों में भी फैल रहा है, वहीं इटली और साउथ कोरिया जैसे ठंडे देशों में भी इसका कहर है। हां, सर्दी में यह वायरस ज़्यादा समय तक रह सकता है, लेकिन अगर हम अपनी तरफ से इंफेक्शन को रोकने के सभी तरीके अपनाते हैं, तो हम सुरक्षित रह सकते हैं।
क्या इसकी वैक्सीन या इलाज है?
कोरोना वायरस को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन या दवा नहीं आई है, क्योंकि यह एक नए तरह का वायरस है। सोशल मीडिया की वजह से इस बीमारी को लेकर डर ज़्यादा है। कोरोना वायरस से मौत की दर 2 से 3% ही है।
कोरोना वायरस से कैसे बचें?
पने हाथों को अच्छी तरह से साबुन या हैंड वाश से धोएं। अगर साबुन ना हो तो सेनिटाइज़र का इस्तेमाल करें। छींक या खांसी आने पर अपनी नाक या मुंह को टिशू से ढकें और फिर उसे डस्टबिन में फेंक दें। गंदे हाथों से अपनी नाक और मुंह को न छुएं और न ही गंदे हाथों से कुछ खाएं। बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखें। उनके बर्तन का इस्तेमाल ना करें और उन्हें छुएं भी नहीं। इससे मरीज़ और आप दोनों ही सुरक्षित रहेंगे। घर को साफ रखें और बाहर से आने वाली चीज़ों को भी साफ करके ही घर में लाएं। सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। स्रोतः डब्ल्यूएचओ, स्वास्थ्य मंत्रालय-केंद्र और राज्य सरकार