Friday, October 23

गोरखपुर स्टेशन पर महिला बच्चो समेत फसी, सवा घंटे बाद दरवाजा तो’ड़कर निकाला गया, 73 में 52 खराब

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाए कैमरे इन दिनों शो- पीस बनकर रह गए है। 73 में 52 पिछले छह माह से खराब है। आजमगढ़ और गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर ही कमोवेश यहीं स्थिति है। बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक की अगुवाई में हुई आरपीएफ और जीआरपी की बैठक में यह मुद्दा उठा। जिसके बाद अधिकारियों ने कैमरों को ठीक कराने का प्रयास शुरू कर दिया है।

 

गोरखपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 150 ट्रेनों गुजरती हैं और करीब 60 हजार से अधिक लोग रोज स्टेशन पर पहुंचते हैं। स्टेशन के अंदर प्रवेश करने के कुल सात गेट हैं। गेट नंबर एक, दो, तीन, पांच और सात स्टेशन रोड पर है। गेट नंबर आठ स्टेशन के उत्तर असुरन की तरफ है। इसके अलावा करीब तीन अ’वैध रास्ते हैं, जिसका प्रयोग लोग शॉर्ट कट के लिए करते हैं। सुरक्षा के लहजे से आरपीएफ ने 64 और जीआरपी ने नौ सीसीटीवी कैमरे स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में लगवाए गए हैं। जिसमें से 52 खराब है।

खराब हुए सीसीटीवी कैमरों को जल्द ठीक करा लिया जाएगा। सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई है। कुछ स्टेशन पर नए कैमरे लगे हैं जिसे चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। अप’राधि’यों पर नजर रखने के लिए 12 रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर वीडियो कैमरा लगेगा। यात्रियों की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर जीआरपी चौकस है। – पुष्पांजलि देवी, एसपी रेलवे, गोरखपुर

 

 

रेलवे स्‍टेशन पर सीसीटीवी कैमरे से लाइव निग’रानी रखी जाती है। कंट्रोल रूम को स्‍टेशन की गतिविधियों की पल-पल की खबर रहती है। किस प्‍लेटफार्म पर कितनी भीड़ है, कहां क्‍या हो रहा है ? सब पर कंट्रोल रूम नजर रखता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह कैमरे अहम भूमिका निभाते हैं। गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर गुरुवार को बुजुर्ग महिला चार वर्ष के बच्चे के साथ लिफ्ट में लगभग डेढ़ घंटे फं’सी रहीं। रेल कर्मियों ने लिफ्ट का दरवाजा तो’ड़क’र महिला और बच्चे को बाहर निकाला। महिला यात्री सहित परिवार के पांच लोगों की ट्रेन छू’ट गई।

लिफ्ट में फंसी महिला यात्री शांति देवी के अनुसार उन्हें परिवार के साथ बाघ एक्सप्रेस से जसीडीह जाना था। इसके लिए सभी लोग फुट ओवरब्रिज से प्लेटफार्म नंबर एक पर आ रहे थे। शांति देवी ने बताया कि मुझे चलने में परेशानी हो रही थी तो लिफ्ट में चढ़ गई। बताया कि दोपहर 12 बजे के आसपास लिफ्ट में चढ़ी थी। बीच में लिफ्ट अचानक रुक गई। वह घबरा गईं। बच्चा उमंग लिपटकर रोने लगा। कुछ देर बाद घ’बरा’हट होने लगी। नीचे खड़े परिजन परेशान हो गए।

 

इसी बीच 13020 बाघ एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर आई और चली भी गई। परिवार के पांच लोगों की ट्रेन छूट गई। परिजन वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि बाबा धाम में बच्चे का मुंडना कराना था। स्लीपर क्लास में टिकट कंफर्म है। लेकिन रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पूरी प्लानिंग ही ध्व’स्त हो गई। संबंधित रेलकर्मियों को सूचना देने और घो’षणा कराने के बाद भी लिफ्ट के कर्मचारी सवा घंटे बाद मौके पर पहुंचे। इसकी रेल के अधिकारियों से शि’कायत करेंगे। यात्री मित्र कार्यालय के अनुसार टिकट को अगली ट्रेन के लिए मान्य कर दिया जाएगा।

इस संबंध में पूर्वोत्‍तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने लिफ्ट नंबर चार को ज’बर’दस्ती खोलने की कोशिश की। लिफ्ट काफी क्ष’ति’ग्र’स्त हो गई और चाबी से नहीं खुल पाई। कंपनी वालों को बुलाने में समय लग गया। लिफ्ट से दोनों यात्रियों को सु’रक्षित निकाला गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *