Tuesday, April 13

माता पिता ने रात रात भर जाग किया कठोर परिश्रम, दोनो बेटों ने भी एक साथ IAS बनकर दिखाया

आमतौर पर हर मां बाप का सपना अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देने की ख्वाहिश रहती है चाहे वह गरीब वर्ग के माता-पिता हो या संपन्न घर से हो। कहानियों में बहुत तरह की कहानियां ऐसी देखने को मिलती हैं जहान मां बाप अपने बच्चों के पर इसके लिए कई तरह की कठिनाइयों का सामना करते हुए अपनी संतान को एक कामयाब इंसान बनाते है। आज के इस एपिसोड में हम आपको एक ऐसे ही माता-पिता की कहानी शेयर करने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आपका भी सर गर्व से ऊंचा हो जाएगा।

 

यह कहानी पंकज कुमावत और अमित कुमावत की है जो राजस्थान के झुंझुनू गांव के रहने वाले हैं, इनके पिता का नाम सुभाष कुमावत और माता का नाम राजेश्वरी देवी है, पंकज और अमित के पिता पेशे से दर्जी हैं जिसने इनकी माता भी पिताजी के साथ छोटी सी सिलाई की दुकान में 5 बटा कर अपने घर का पालन पोषण किया करते हैं। ऐसे में पुत्रों के आईएएस बनने का सपना बहुत ही कठिन था। लेकिन कार्य अगर कठिन ना हो तो फिर वह कार्य ही क्या?

 

शुरू से ही दोनों भाई पढ़ाई में कड़ी मेहनत करते अच्छा अंक हासिल किया करते थे। इनके दोनों पुत्रों ने आईआईटी दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अब आगे की पढ़ाई किताब है फीस एवं जरूरत के सभी सामान को पूरा करने के लिए घर की वित्तीय स्थिति बहुत बढ़िया नहीं थी इसके लिए माता पिता रात रात भर जाग कर तुरपाई का काम करने लगे।

 

आखिरकार इस मेहनती माता-पिता की मेहनत रंग लाई और दो हजार अट्ठारह में एक साथ दोनों भाइयों ने यूपीएससी की परीक्षा पास करली। पंकज को 443वाँ रैंक और उनसे छोटे अमित को 600वीं रैंक हासिल हुआ। दोनों भाई अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत करके पर्याप्त संसाधन नहीं होने के बावजूद हर तरफ से अपने पुत्रों को सहयोग किया एवं एक सफल इंसान बनाया। हमारा पोर्टल और पूरा देश ऐसे महान माता-पिता और पुत्रों को दिल से सलाम करता है। जय हिंद

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