Tuesday, March 2

भारत में नयी व्यवस्था अब जन्म, मृत्यु , जाति, आवासीय प्रमाण पत्र बनेगा ऑनलाइन, जाने पूरी प्रक्रिया

( कुलसूम फात्मा )  भारत सरकार ने 2015 में सीआरएस पोर्टल लॉन्च किए जिसके अनुसार अस्पतालों में पैदा होने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया जा सके। घर पर पैदा होने वाले बच्चों की यदि बात की जाए तो उनका डाटा भी नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं पूरे देश में जन्म तथा मृत्यु प्रमाण पत्र में एकरूपता लाने के लिए भारत सरकार ने सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल को लॉन्च किया है घर में पैदा होने वाले बच्चों का डाटा नागरिक खुद से ही पोर्टल पर अपलोड करने के बाद रजिस्ट्रार उसे अपलोड कर रजिस्टर उसे अप्रूव कर देगा। इसके पश्चात कंप्यूटर के द्बारा इसका प्रिंट भी निकाला जा सकता है।

 

 

घर बैठे बनवा सकते हैं मृत्यु प्रमाण पत्र भी।

यह प्रोसीजर मृत्यु के मामले में भी लागू होगा इसके लिए 132 निजी अस्पतालों का फरवरी की 23, 24, 25 को सीएमओ कार्यालय के प्रेरणा श्री सभागार में परीक्षण आयोजित किया गया। ये व्यवस्था सरकारी अस्पताल में पहले से ही लागू है और इस प्लान के नोडल अधिकारी तथा डॉक्टर एसएन त्रिपाठी से बातचीत की उन्होंने कहा सभी अस्पतालों तथा इससे संबंधित रजिस्ट्रार को यूजर आईडी पासवर्ड दिया जाएगा।

 

 

शहरी एरिया में नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी अस्पतालों को चलाने तथा ग्रामीण क्षेत्र में सभी स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक और ग्राम पंचायत अधिकारी रजिस्ट्रार है। इसके साथ ही अस्पताल में बच्चा पैदा यदि होता है तो सीआरएस पोर्टल पर इसका डाटा भी उपलब्ध करा दिया जाएगा 1 सप्ताह के बाद अस्पताल जाकर लोग जन्म प्रमाण पत्र ले सकेंगे घर पर पैदा होने वाले बच्चों के लिए पोर्टल पर एक जनरल पब्लिक का ऑप्शन है। उस पर 1 हफ्ते के बाद क्लिक करके घर में ही प्रमाण पत्र का प्रिंट निकाला जा सकता है।

 

घर पर प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया।

डाटा अपलोड करने के लिए 21 दिन के अंतर्गत फीस नहीं देनी पड़ेगी 20 से 30 दिन के अंदर अपलोड करने पर ₹2 तथा देरी से शुल्क ट्रेजरी के जरिए देनी होगी। 30 दिन से 1 साल के अंदर डाटा अपलोड कर किया तो ₹5 और विलंब शुल्क देने के साथ उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अप्रूव भी लेना पड़ेगा। 1 वर्ष के पश्चात अपलोड करने पर ₹10 विलंब शुल्क तथा एसडीएम से अनुमोदन लेने के बाद ही प्रमाण पत्र बन सकेगा ।

 

बिना नगर निगम के चक्कर लगाए बनेग प्रमाण पत्र ।

वैसे तो यह पोर्टल 2015 से चल रहा है परंतु अब निजी अस्पतालों को भी इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे के जन्म तथा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को नगर निगम के चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी।

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